झूठा सबसे ज्यादा जानने वाला दिमाग है

झूठ , असत्य व मिथ्या बोलने वाले व्यक्ति का दुनिया में हर कहीं भी विश्वास व सम्मान किया जाता है । यह चरित्र की सबसे बढ़िया आदतों में से एक हैं । बहुत से लोगों को सच बोलने की आदत भी होती है । यह आदत उनको ले डूबती है । 

कुछ लोगों को मजबूरी में  सच भी बोलना पड़ता है । जहां तक संभव हो झूठ का सहारा ही लेना चाहिए , क्योंकि एक न एक दिन सच का नकाब उतर ही जाता है । झूठा इंसान बहुत खास होता है । इसकी पहली विशेषता यही है कि उनकी बातें चिकनी चुपड़ी व मनभावन होती है । इनकी दूसरी विशेषता यह होती है कि इन्हें समाज में बड़ा पद व प्रतिष्ठा मिलती है । 

कहते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते हैं । यह सच है क्योंकि झूठ को पांवों की जरूरत ही नहीं होती है । झूठ पंखों के सहारे आसमान में उड़ान भरता है । झूठ के आगे - पीछे मस्ती के झरने झरते हैं । अतः सच बोलने वाला तो प्यासा ही मारा जाता है । कहावत है कि सुंदर लड़कियां जब झूठ बोलती है तो और अधिक सुंदर दिखाई पड़ती है । 

मैंने फेसबुक पे इतनी सुंदर लड़कियां देखी है कि उनसे स्वर्ग में बैठी रंभा , मेनका , तिलोत्तमा आदि परम सुंदरियां भी ट्यूशन लेती हैं । इससे सिद्ध है कि फेसबुक , व्हाट्सअप पर वैश्विक परम सुंदरियां विराजित होकर अपना परम ज्ञान बांट रही हैं । जो इंसान झूठ बोलता है वह हर समय पवित्र व बुद्धिमान ही होता है । एक झूठ बोलने के पहले व बाद में कितनी बुद्धि चलानी पड़ती है वो मेरे जैसा महान झूठशास्त्री ही समझ सकता है । 

आदरणीय ट्रम्प , जिनपिंग जी व इमरान जनाब इस मामले में पर्याप्त उस्ताद हैं और मैं भी उनके समकक्ष ही हूं । अतः झूठ निरंतर निर्भय होकर सीना ताने आगे बढ़ रहा है और सच बेसुध होकर आहे भर रहा है । सिद्धांत यह है कि सच कभी भी प्रातः नौ से पांच बजे व शाम पांच से प्रातः नौ बजे के बीच नहीं बोला जाता है । 

अगर आप कभी भी राजनीति में भूल से भी सच्चाई डाल देते हैं तो वो राजनीति नहीं रह जाती है । सफेद झूठ जैसी कोई वस्तु नहीं होती हैं अर्थात झूठ कभी सफेद नहीं होता हैं । झूठ सदैव कोहीनूर की चमक जैसे प्रकाशमान होता है । पत्नियों से आजादी पाने के लिए भारतीय पतिगण सदियों से परम पूज्य झूठ का उपयोग करते आए हैं । 

उन्हें झूठ बोलने पर पत्नियों से झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डरियो वाला गीत सुनना पड़ता है । फिर अगले सीन में होता यह है कि पत्नी जी मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो गाते हुए पति को तत्काल आजाद कर देती है । पति मैं फिर से कुंआरा बन गया हूं , का गीत गाकर । पत्नी की विदाई करता है । झूठ तुम्हारे हो गए हैं कितने लम्बे पैर , आजादी | दिलाकर पति को खूब कराए सैर । देखो झूठ के शीश पर हरदम सोहे ताज , बार बार झूठ बोलकर संवारो सारे काज । 

दिल की दुनिया में झूठ है सबसे बड़ी | आवाज , ईलू - ईलू सौ बार झूठ कह करो दिलों पे राज । नहि असत्य सम पवित्र ही कोई , झूठा सर्व सर्वोच्च सर्वस्व मन मोही । ये झूठ की शक्ति ही है जो राजनीति के सूरज को चमक और कूटनीतिक हवा को वेग देती है । दरअसल सभी चीजें झूठ पर निर्भर कर रही है । सच की इज्जत दांव पर प्रभू करेंगे खैर । अतः हे श्रेष्ठि जनो ! आओ और बड़ी गर्मजोशी के साथ झूठ बोलने की राह पर चलते चले जाओ । झूठं च असत्यं नमामि !

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