गुलाबी टेस्ट में बांग्लादेश हलकान

ग्लॉस फिनिश वाली चमचमाती एसजी की गुलाबी गेंद और दुनिया की नंबर वन भारतीय टीम से जैसी उम्मीद की जा रही थी वैसा ही उन्होंने भारत में हो रहे पहले डे - नाइट टेस्ट में किया । ईडन गार्डस की पिच पर 60000 दर्शकों के बीच गुलाबी गेंद इधर - उधर लहराते हए जब सन्न - सन्न निकली तो बांग्लादेशी बल्लेबाज विकेट के सामने सहमे - सहमे से नजर आए । 

ईशांत शर्मा , मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने ही मिलकर दो सत्रों में सिर्फ 30 . 3 ओवर में मेहमान टीम को 106 रनों पर पैवेलियन पहुंचा दिया । हालत यह थी कि पिछले कई वर्षों से भारतीय पिचों पर हाहाकार मचाने वाले दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा में से जड्डू ने पारी में एक ओवर फेंका ।

पिछले महीने तक गुलाबी गेंद से खेलने से हिचकिचा रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली ( नाबाद 59 ) ने चेतेश्वर पुजारा ( 55 ) के साथ दूसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी करके टीम इंडिया को शानदार बढ़त ही नहीं दिलाई , बल्कि गुलाबी गेंद के डर से भी पार पा लिया । भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट के नुकसान पर 174 रन बना लिए हैं । उसके पास पहली पारी के आधार पर 68 रनों की । बढ़त है । विराट के साथ अजिंक्य रहाणे 23 रन बनाकर क्रीज पर हैं । 

थरथराए बांग्लादेशी बल्लेबाजः 

गुलाबी गेंद थामे भारतीय गेंदबाजों के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाजों का कुछ वैसा ही हाल हो रहा था जैसा सुग्रीव के भाई बाली के सामने उनके दुश्मन का होता था । रामायण में लिखा है कि बाली के सामने जो भी लड़ने आता था उसकी शक्ति आधी हो जाती थी। बांग्लादेशी बल्लेबाजों का शुक्रवार को कुछ ऐसा ही हाल था । गुलाबी गेंद से पहली बार खेल रहे बांग्लादेशी बल्लेबाज अतिरिक्त स्विंग केके सामने पैर चला नहीं पा रहे थे । हालांकि , ऐसा कहा जा रहा था कि गलाबी गेंद से शुरू में लाल गेंद से ज्यादा स्विंग मिलेगी , लेकिन शुरुआती पांच ओवर में ऐसा नजर नहीं आया ।

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