लोकसभा की तर्ज पर लोकल चुनाव में भी चाय और नाश्ते के लिए महंगा चुकारा तय , चाय 9 रुपए तो नाश्ता 45 रुपए में

नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर अफसरों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगभग फिक्स कर दी गई है । अलग - अलग मतदान केंद्रों के साथ संवेदनशील जगहों पर तैनाती के लिए नया चार्ट तैयार है । बात अगर इनके लिए भोजन - पानी के इंतजाम करने की हो , तो लोकसभा चुनाव की तर्ज पर पुराने इंतजाम ही दोहराने की कवायद है । 

ऐसे में एक बार फिर बगैर टेंडर चाय , नाश्ता और भोजन के बदले में महंगा चुकारा होने वाला है । बता दें , लोकसभा में कर्मचारियों व अफसरों को मिलने वाली चाय की कीमत 9 रुपए थी , तो वहीं 45 | रुपए की कीमत से नाश्ते के इंतजाम हुए थे । प्रति व्यक्ति दर से भोजन के लिए 105 रुपए का भुगतान किया गया था । बगैर टेंडर के ही भोजन के लिए सारे इंतजाम हुए । विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से चाय और नाश्ते के लिए भुगतान किया गया , दरअसल वास्तविक रूप से उसकी कीमत आधी रही थी । 

खबर है , ड्यूटी के दौरान अफसरों व कर्मचारियों को पांच रुपए की कीमत से चाय दी गई , वहीं नाश्ते में भी 20 से 25 रुपए तक का हिसाब बांटा गया , लेकिन असल में भगतान इससे कहीं ज्यादा का कर दिया गया । सामने आए दस्तावेजों में जो कीमत सामने आई , उससे भी यह खुलासा हो गया । 

खाद्य विभाग की तरफ से हुई इस व्यवस्था में बगैर टेंडर के सारे इंतजाम सवालों में घिरे । दोबारा अब लोकल ' चुनाव है , जिसमें खान पान के लिए किसी तरह के टेंडर की अधिकृत जानकारी नहीं है । खाद्य नियंत्रक ने साफ किया है , खान - पान की व्यवस्था को लेकर फिलहाल कोई दिशा निर्देश साफ नहीं हुए हैं ।

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