विधानसभा में छत्तीसगढ़ी में चला सवाल - जवाब का दौर

छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ . चरणदास महंत ने सभी विधायकों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस की बधाई दी । साथ ही यह निर्देश दिया कि आज सदन की पूरी कार्यवाही छत्तीसगढ़ी में होगी । 

उन्होंने कहा कि सदन में मौजूद सभी सदस्य छत्तीसगढ़ी में ही प्रश्न करेंगे और जवाब भी छत्तीसगढ़ी भाषा में दिया जाएगा । अध्यक्ष के निर्देश पर गुरुवार को अधिकतर सदस्यों ने छत्तीसगढ़ी भाषा में सवाल किए और मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ी में जवाब दिए । संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ी भाषा संस्कृति को आगे बढ़ाने और सम्मान दिलाने का काम किया है । राज्य गठन के 19 साल बाद जनता महसूस कर रही है कि अब छत्तीसगढ़यों की सरकार है । 

उन्होंने आज की व्यवस्था के लिए विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी । उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में छत्तीसगढ़ के त्योहारों की छुट्टी दी गई । हरेली का त्योहार मनाया गया । तीजा की छुट्टी दी गई । कर्मा त्योहार और गोवर्धन पूजा जैसे सभी छत्तीसगढ़ी त्योहारों को राज्य सरकार ने मनाया । 

हमारी सरकार में छत्तीसगढ़ी भाषा का मान - सम्मान बढ़ा है । आज सौभाग्य का दिन है , जब छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस मनाया जा रहा है । अरपा पैरी के धार को जब राजगीत बनाया गया और सदन में गाया गया , तब सम्मान का महत्व सामने नजर आया । नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ी दिखाने का विषय हो गया है , अपनाने का नहीं । मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों में छत्तीसगढ़ी देखने को नहीं मिलती । छत्तीसगढ़ी भाषा को वो सम्मान नहीं मिल रहा है । 

सदन की कार्यवाही छत्तीसगढ़ी में किए जाने को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी । श्री जोगी ने कहा कि मैं सीएम पद की शपथ छत्तीसगढ़ी में लेना चाहता था , लेकिन राजभाषा का दर्जा नहीं मिलने के कारण मैं छत्तीसगढ़ी में शपथ नहीं ले पाया था ।

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