लोगों को बताया प्रकृति के साथ रहने का महत्व

प्रकृति से जुड़ाव की शिक्षा देने के उद्देश्य से बेंगलुरू में सीता अनंतसिवन ने भूमि नेटवर्क की शुरुआत की । यह ऐसा एनजीओ है जो लोगों को प्रकति के साथ सामंजस्य बनाकर रहना सिखाता है , पौष्टिक भोजन और कम खर्चीली जीवनशैली को अपनाने को प्रेरित करता है । सीतालबे समय से पर्यावरण के लिए आवाज उठाती रही हैं और शिक्षक भी रही हैं । 

वह ' प्रक्रिया ग्रीन विज्डम स्कूल की निदेशक और ' इटरनल भूमि की संपादक भी रही हैं । वर्षों तक पेड़ लगाने का अभियान चलाने और ग्रामीण लोगों के बीच रहने के बाद उन्होंने ऐसी जगह बनाने का निर्णय लिया जहां लोगों को प्रकृति का महत्व समझाया जा सके । यहीं उनका भूमि नेटवर्क ' अस्तित्व में आया । 

बेंगलुरू के बाहरी इलाके में स्थित उनके संस्थान के परिसर में अलग - अलग प्रजातियों के कई पेड़ हैं । चार एकड़ के कैंपस में अलग - अलग जगहों से आए हुए लोग बहुत छोटे हिस्से में रहते हैं और बाकी हिस्से में प्रकृति के लिए जगह छोड़ी हुई है । यही सबक सीता लोगों को सिखाना चाहती हैं कि सारी धरती को अपने लिए ही न माना जाए । 

यहां रहने वाले प्रकृति के सानिध्य के जादू को महसूस करते हैं और उन्हें पर्यावरण की रक्षा की शिक्षा भी मिलती है । पूरे कैंपस में पक्षियों और तितलियों की आवाजाही बताती है कि प्रकृति के संरक्षण के जरिए हम अपनी दुनिया को कितना सुंदर बना सकते हैं ।

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